सात दिवसीय विशेष शिविर का द्वितीय दिवस -18 फरवरी 2026
आज दिनांक 18 फरवरी 2026 को अविका डिग्री कॉलेज, कन्नौज की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के द्वितीय दिवस का शुभारंभ NSS लक्ष्य गीत के साथ उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण में किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पल्लवी यादव के निर्देशन में स्वयंसेवकों ने सामूहिक योगाभ्यास किया तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवन शैली अपनाने का संकल्प लिया। द्वितीय दिवस का मुख्य विषय “नारी सशक्तिकरण एवं बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ” रखा गया। इस अवसर पर डॉ. शिखा कुमारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नारी सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ केवल महिलाओं को अधिकार देना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षित, आत्मनिर्भर, जागरूक तथा निर्णय लेने में सक्षम बनाना है। उन्होंने भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा -“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता।” अर्थात जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है। इसके पश्चात महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरिओम प्रजापति को संबोधन हेतु आमंत्रित किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन की शुरुआत इन प्रेरक पंक्तियों से की— “नारी निंदा न करो, नारी नर की खान। नारी से ही नर उपजें, ध्रुव प्रह्लाद समान।” उन्होंने कहा कि समाज के समग्र विकास में नारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक सशक्त नारी दो परिवारों की आधारशिला होती है, और सुसंस्कृत परिवारों से ही एक सशक्त एवं आदर्श समाज का निर्माण संभव है।भोजनावकाश के पश्चात द्वितीय सत्र में सभी स्वयंसेवकों द्वारा ग्राम चांदपुर में नारी सशक्तिकरण एवं बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ विषय पर जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के दौरान स्वयंसेवकों ने प्रेरक नारों के माध्यम से ग्रामीणों को बालिका शिक्षा, महिला सम्मान एवं लैंगिक समानता के प्रति जागरूक किया। रैली के उपरांत स्वयंसेवकों ने खेल गतिविधि के अंतर्गत खो-खो में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे उनमें टीम भावना, अनुशासन एवं शारीरिक स्फूर्ति का विकास हुआ। सायंकालीन सत्र में स्वयंसेवकों ने सामूहिक रूप से भोजन तैयार किया तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत अंताक्षरी में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। दिनभर की गतिविधियों का समापन NSS शपथ के साथ हुआ, जिसके पश्चात सभी स्वयंसेवकों ने सामूहिक भोजन ग्रहण किया।इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगणों का सक्रिय एवं सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ ।