नशा मुक्ति जागरूकता अभियान
दिनांक 31जुलाई 2026 को अविका डिग्री कॉलेज में एनएसएस इकाई द्वारा ‘नशा मुक्ति अभियान’ पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पल्लवी यादव द्वारा एनएसएस स्वयंसेवक एवं एनसीसी कैडेट्स को नशा मुक्ति अभियान की भूमिका एवं उसके उद्देश्यों से परिचित कराते हुए किया गया। उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने तथा युवाओं को एक स्वस्थ एवं सकारात्मक दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। एव एनसीसी सीटीओ डॉ. शिखा कुमारी ने कहा कि वर्तमान समय में नशा समाज एवं राष्ट्र की प्रगति में एक बड़ी बाधा बनता जा रहा है। यह युवाओं को भीतर ही भीतर कमजोर एवं खोखला कर रहा है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने छात्राओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की अन्य शिक्षिकाओं ने भी छात्राओं को नशा मुक्ति अभियान के महत्व एवं तम्बाकू सेवन से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी दी। अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरिओम प्रजापति ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि जीवन में आवश्यकता से अधिक किसी भी वस्तु का प्रयोग “नशा” बन जाता है। उन्होंने संत कबीरदास जी का प्रसिद्ध दोहा उद्धृत करते हुए कहा - “अति का भला न बोलना, अति की भली न चूप। अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप॥” दोहा की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि नशा केवल मादक पदार्थों का ही नहीं होता, बल्कि धन, रूप, ज्ञान एवं अहंकार का नशा भी व्यक्ति को पतन की ओर ले जाता है। उन्होंने कहा कि सच्चा ज्ञान व्यक्ति को विनम्र एवं मृदुभाषी बनाता है, जबकि अल्पज्ञान व्यक्ति को अहंकारी बना देता है। इस संदर्भ में उन्होंने “अधजल गगरी छलकत जाए” कहावत का उल्लेख करते हुए संतुलित एवं संयमित जीवन जीने का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय स्टाफ एवं स्वयंसेवक और कैडेट्स द्वारा ‘नशा मुक्त अभियान’ एवं ‘तम्बाकू निषेध दिवस’ के अवसर पर जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में छात्रों ने नशा मुक्ति से संबंधित नारों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का संदेश दिया। इस अवसर पर समस्त महाविद्यालय स्टाफ एवं छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में एनसीसी सी.टी.ओ. डॉ. शिखा कुमारी, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पल्लवी यादव, कुलानुशासक दिलदार सिंह, अकाउंटेंट मोरपाल सिंह सहित समस्त महाविद्यालय परिवार एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।