डी एस एन पी जी कॉलेज उन्नाव में गांधी-शास्त्री जयंती पर श्रमदान, स्वच्छता एवं नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत 2047,सेवा संकल्प अभियान, नुक्कड़ नाटक, नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत 2047 रन,श्रमदान, शपथ
*डी एस एन पी जी कॉलेज उन्नाव में गांधी-शास्त्री जयंती पर श्रमदान, स्वच्छता एवं नशा मुक्ति का महासंगम*
*उन्नाव।* दयानंद सुभाष नेशनल पी जी कॉलेज, उन्नाव की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में आज 02 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के पावन अवसर पर विविध रचनात्मक एवं जागरूकता कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। महाविद्यालय में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. हेमेंद्र सिंह सेंगर, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रचना त्रिवेदी सहित समस्त शिक्षकों ने महापुरुषों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को नमन करते हुए उनके विचारों पर प्रकाश डाला। गांधी जी के सत्य और अहिंसा के मार्ग तथा स्वच्छता के प्रति उनके आग्रह को जीवन में उतारने का संकल्प लिया गया।
माल्यार्पण के उपरांत एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा एक अत्यंत प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी गई। नाटक का मुख्य विषय स्वच्छता ही सेवा और नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत 2047 रहा। स्वयंसेवकों ने अपने अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि गंदगी और नशा दोनों ही देश की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा हैं। नुक्कड़ नाटक को महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय लोगों ने खूब सराहा।
जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से महाविद्यालय परिसर से नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत 2047 रन का आयोजन किया गया। स्वयंसेवकों ने हाथों में नशा मुक्ति और स्वच्छता के नारे लिखी तख्तियां लेकर दौड़ लगाई और आमजन को जागरूक किया।
इसके पश्चात स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय परिसर, मुख्य द्वार एवं आसपास के क्षेत्रों में 2 घंटे श्रम दान करके व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। स्वयंसेवकों ने झाड़ू, टोकरी और कचरा बैग लेकर श्रमदान किया। इस दौरान एक पौधे का रोपण भी किया गया, जो स्वच्छ और हरित भारत के संकल्प को दर्शाता है।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी उपस्थित शिक्षकों, कर्मचारियों एवं स्वयंसेवकों को स्वच्छता एवं नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत 2047 की शपथ दिलाई गई। सभी ने एक स्वर में भारत को स्वच्छ, स्वस्थ और नशा मुक्त बनाने की शपथ ली।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हेमेंद्र सिंह सेंगर ने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी दोनों ही सादगी और ईमानदारी के प्रतीक हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही विकसित भारत का सपना साकार होगा। कार्यक्रम की संयोजिका एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रचना त्रिवेदी ने सभी अतिथियों एवं स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया और युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर प्रोफेसर रोहित , डॉ. मुन्नालाल जी, डॉ.हरि शंकर जी,डॉ अनुपम जी, श्री आशीष शुक्ला , डॉ चंचल , डॉ अरविंद मिश्रा श्री शीतल सहित महाविद्यालय परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। एनएसएस स्वयंसेवकों में शिवांगी, रिया, नीरज, संकल्प, त्रिभुवन, नाजिया, सोनाक्षी, अभ्या, सार्थक सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर कार्यक्रम को सफल बनाया। पूरा कार्यक्रम बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
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