जनताकॉलेजबकेवरमेंगूंजाप्रधानमंत्रीमोदीकासंदेश—खेलयुवाओंकेव्यक्तित्वऔरराष्ट्रनिर्माणकासशक्तमाध्यम             दिनांक: 27.08.2026
बकेवर, इटावा। खेलो इंडिया के अंतर्गत खेल की बात, प्रधानमंत्री के साथ कार्यक्रम का वर्चुअल प्रसारण एवं युवा संवाद कार्यक्रम जनता कॉलेज बकेवर, इटावा में उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्रधान कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. पी.के. राजपूत की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मेरा युवा भारत की उप निदेशक सुश्री सोनिका चंद्रा का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संयोजन महाविद्यालय के डॉ. मनोज यादव द्वारा किया गया, जबकि मेरा युवा भारत की स्वयंसेवक विधि चौहान ने कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के लगभग 360 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के प्रथम चरण में विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के वर्चुअल संबोधन का लाइव प्रसारण देखा और सुना। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में युवाओं को खेलों से जुड़ने, नियमित शारीरिक गतिविधियों को जीवन का हिस्सा बनाने तथा खेल भावना, अनुशासन, आत्मविश्वास और टीमवर्क को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करते हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे पढ़ाई के साथ खेलों को भी अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं और देश की खेल शक्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि भारत में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और आवश्यकता है कि गांवों, कस्बों एवं कॉलेजों में छिपी प्रतिभाओं को उचित अवसर, प्रशिक्षण और मंच उपलब्ध कराया जाए। खेलो इंडिया जैसे अभियानों का उद्देश्य इसी जमीनी प्रतिभा को पहचानकर उसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। प्रधानमंत्री ने स्वस्थ युवा शक्ति को विकसित भारत की मजबूत नींव बताते हुए युवाओं को फिटनेस और खेल संस्कृति को जन-आंदोलन बनाने का संदेश दिया। प्रधानमंत्री के संबोधन के उपरांत महाविद्यालय में ‘खेल संवाद’ आयोजित किया गया। संवाद सत्र में महाविद्यालय के स्पोर्ट्स कोच एवं खेल विशेषज्ञ श्री जंग बहादुर सिंह तथा खिलाड़ी आकाश ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। श्री जंग बहादुर सिंह ने विद्यार्थियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए नियमित अभ्यास, अनुशासन, सही तकनीक, फिटनेस तथा निरंतर परिश्रम को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी खेल में सफलता एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि निरंतर अभ्यास और असफलताओं से सीखने की क्षमता ही खिलाड़ी को बेहतर बनाती है। वहीं खिलाड़ी आकाश ने अपने खेल अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुए बताया कि खेलों ने उनके जीवन में आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए खेलों में करियर की संभावनाओं, प्रतियोगिताओं की तैयारी, नियमित फिटनेस और मानसिक मजबूती के महत्व पर चर्चा की। दोनों ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल को केवल मनोरंजन के रूप में न लेकर उसे जीवन में अनुशासन, स्वास्थ्य और सफलता का माध्यम बनाना चाहिए।