आज दिनांक 26 जनवरी 2026 को अविका डिग्री कॉलेज में 77वें गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में *मुख्य अतिथि श्री छोटे लाल यादव (फौजी) तथा विशिष्ट अतिथि श्री राजेंद्र सिंह यादव, जिला पंचायत सदस्य (गुग्रापुर) की गरिमामयी उपस्थिति रही।* कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री छोटे लाल यादव जी द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया गया। इसके उपरांत समस्त उपस्थितजनों ने एक स्वर में राष्ट्रगान का गायन किया। तत्पश्चात एनसीसी कैडेट्स द्वारा मैदान पर आकर्षक एवं अनुशासित परेड प्रस्तुत की गई, जिसने सभी को गौरवान्वित किया। ध्वजारोहण कार्यक्रम के पश्चात सभी सम्मानित अतिथियों को ससम्मान कार्यक्रम सभागार में आमंत्रित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. शिखा कुमारी द्वारा अत्यंत कुशलता एवं प्रभावशाली ढंग से किया गया। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं महाविद्यालय के प्राचार्य महोदय द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन कर तथा भारत माता के वीर सपूतों को पुष्प एवं माल्यार्पण कर सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। सांस्कृतिक सत्र में छात्र-छात्राओं द्वारा स्वागत गीत, सरस्वती वंदना, देशभक्ति गीत एवं प्रेरणादायक भाषणों की सुंदर प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनसे सभागार देशप्रेम की भावना से ओत-प्रोत हो उठा। महाविद्यालय के प्राचार्य महोदय ने अपने ओजस्वी एवं विचारोत्तेजक उद्बोधन में सच्ची राष्ट्रभक्ति की व्यावहारिक व्याख्या प्रस्तुत करते हुए कहा कि सच्चा देशभक्त वही है जो अपने कर्तव्यों के प्रति सजग हो और उन्हें ईमानदारी एवं पूर्ण निष्ठा के साथ निभाए। *उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी से करे, तो राष्ट्र निश्चित रूप से उन्नति की दिशा में अग्रसर होगा और भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प अवश्य साकार होगा।* अपने उद्बोधन में उन्होंने संविधान निर्माता, महान विद्वान एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन एवं संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय जनमानस द्वारा उन्हें बार-बार राजनीतिक पराजय का सामना कराना उनकी नहीं, बल्कि समाज की नैतिक हार थी। उन्होंने 1952 के आम चुनाव का उल्लेख करते हुए मताधिकार के महत्व पर बल दिया तथा कहा कि अधिकारों के साथ जुड़े कर्तव्य अधिक महत्वपूर्ण हैं। मताधिकार का विवेकपूर्ण प्रयोग करने हेतु नागरिकों में बौद्धिक एवं नैतिक चेतना का होना अनिवार्य है। इस क्रम में सभी सम्मानित अतिथियों ने भी संक्षेप में अपने विचार व्यक्त कर छात्र-छात्राओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं—अनुष्का दीक्षित, दीक्षा सिंह, मुस्कान, प्रीतू,दिव्या एवं अनामिका—को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की सफलता में महाविद्यालय परिवार के समस्त शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राओं का सराहनीय सहयोग रहा।
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