कार्यक्रम (09) काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सवदिनांक – 09.08.2024,स्थान – ऑडिटोरियम कानपुर
कार्यक्रम (09) काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव आज दिनांक - 09.08.2024 को काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई , डी.बी.स. महाविद्यालय , कानपुर में किया गया । सर्वप्रथम स्वयंसेवकों ने महाविद्यालय की सांस्कृतिक कमेटी द्धारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया । जिसमें मुख्य अतिथि डॉ. अवध दुबे जी थे । कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार मिश्रा जी भी उपस्थित रहे । मुख्य अतिथि महोदय ने काकोरी ट्रेन एक्शन के विषय में स्वयंसेवकों को बताते हुए कहा कि यह दिन भारतीय इतिहास में क्रांतिकारियों के अदम्य साहस का प्रतीक है । इस दिन क्रांतिकारियों ने राम प्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में काकोरी नामक स्थान पर ,क डाउन ट्रेन को रोका तथा उसमें रखें अग्रेजों के कोष को छीन लिया । अग्रेजों ने इस धटना के बाद इसमें शामिल रामप्रसाद बिस्मिल , अशफाक उल्ला खान तथा राजेंद्र लाहिड़ी को फांसी दे दी थी। इस कार्यक्रम के पश्चात एन.एस.एस. के स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्धारा महाविद्यालय के कक्ष संख्या - 205 में आयोजित व्याख्यान माला में भारतीय इतिहास के विशेषज्ञों के विचारों को सुना । स्वयंसेवकों ने भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभाग करते हुए अपने विचारों को रखा । भाषण प्रतियोगिता में सूरज सिहं ने प्रथम स्थान प्राप्त किया । कार्यक्रम में पधारे अर्थशास्त्र विभाग के डॉ. संतोष यादव ने रामप्रसाद बिस्मिल तथा अशफाक उल्ला खान की दोस्ती के विषय में बताते हुए, कहा कि दोनों के बीच की दोस्ती हिंदू - मुस्लिम एकता की प्रतीक है । उनकी दोस्ती सांप्रदायिक सद्भाव कायम करने में महती भूमिका निभा सकती है । क्रांतिकारियों द्धारा बिना किसी किसी लाभ या स्वार्थ के देश के लिए जो बलिदान दिया गया है । उसे हमें कभी भूला नहीं चाहिए । कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि आज हमारे देश में दो समुदायों के बीच हुई छोटी सी हिंसा बडा रुप ले लेती है । इसका कारण दोनों समुदायों के बीच संशय की भावना का होना है । संशय की भावना को खत्म करने हेतु सभी समुदायों के सवेंदनशील व्यक्तियों को आगे आना चाहिए । जिससे कि हम एक दूसरे के प्रति विश्वास कायम कर सकंें । इसके लिए हम अपने देश के क्रांतिकारियों से प्रेरणा लेनी चाहिए । कार्यक्रम में डॉ. राजेश निगम, डॉ. आर. स. त्रिपाठी, डॉ प्रवीण सिंह, डॉ. कौशलेंद्र तिवारी, सुनील पांडे , श्याम नारायण मिश्रा , डॉ. रजींत यादव, जगदीप कुमार तथा स्वयंसेवकों में सूरज, आकांक्षा ,वंश ,अभिषेक व भोला ,भुमिका ,राम ,शुभ आदि उपस्थित रहे ।